वृक्षारोपण ही एकमात्र विकल्प है पर्यावरण को बचाने का : राजीव आचार्य
5 जून 24 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार एवम पर्यावरणविद राजीव आचार्य द्वारा कहा गया कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण ही पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति दिला सकता है । वे इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन मुंबई के लखनऊ जोन के द्वारा पर्यावरण दिवस पर होटल कसया इन गोमती नगर लखनऊ में आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार आज गर्भस्त शिशु भी प्रदूषण से प्रभावित हो रहा है । आधुनिककरण के फेर में हम जंगलों को काट रहे है , जिसके कारण ऑक्सीजन की कमी और कार्बन डाइऑक्साइड में वृद्धि हो रही है । एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए राजीव आचार्य ने बताया कि 1990 से 2000 के बीच वर्ल्ड में 384000 हेक्टेयर जंगल गायब हो गए और 2015 से 2020 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 668000 हो गया । पानी का लगातार गिरता हुआ स्तर , वृक्षो का कटान , प्लास्टिक का तेजी से फैलता हुआ जाल ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रहा है ।जिसके कारण चरम मौसम की घटनाएं जैसे तूफान , असमय बारिश , सूखा , जंगल की आग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही है । इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन द्वारा पर्यावरण दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए राजीव आचार्य ने कहा कि अभी हाल ही में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की 5 वी रिपोर्ट ग्लोबल वार्मिग और जलवायु परिवर्तन के लिए एक चेतावनी है जो यह कह रही है कि यदि हमने समय पर कार्यवाही नही की तो पृथ्वी का तापमान 2100 तक 2.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ जायेगा । इस बचने का केवल एक ही तरीका है कि हम अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें ।
राजीव आचार्य ने कहा कि पीपल , नीम , बरगद, अशोक जैसे पेड़ अधिक ऑक्सीजन को उत्पन्न करते है जिन्हे अधिक से अधिक मात्रा में लगाना चाहिए । इसके अलावा घरों में आरिका पाम , तुलसी , एलोवेरा , स्नेक प्लांट , जामुन , अर्जुन के पेड़ लगाए जो अधिक ऑक्सीजन देते है ।उन्होंने कहा कि मत्स्य पुराण के अनुसार एक वृक्ष 10 पुत्रों के बराबर होता है । वृक्ष ही हमारी पृथ्वी , पर्यावरण को सुरक्षित रख सकता है । उन्होंने सभी से इस अवसर पर अधिक अधिक पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की। इस अवसर पर इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन लखनऊ के चेयरमैन संजय सिंह द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने की अपील की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । गोष्ठी में एसोसिएशन के सदस्य भारी संख्या में मौजूद थे ।
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