28, Nov, 2020
Book Review  |  Chand Ehsaas  |  Theliteraturetoday

Book Review | Chand Ehsaas | Theliteraturetoday

संवेदनशील हृदय कवि होने की पहली निशानी है। कवि अपने अनुभवों से कम भावनाओं से ज्यादा बुनता है निशा टंडन, दुबई में निवासरत एक एच आर, ट्रेनिंग कंसल्टिंग फर्म उद्यमी है। निशा जी का व्यक्तित्व अति प्रतिभावान व गुणशाली है। उन्होंने फर्म के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी कार्य किया है। बच्चों के प्रति अपने स्नेहपुर्ण व्यवहार के  साथ उन्होंने एलेट स्कूल में शिक्षिका की भूमिका निभाई। इसके साथ ही अकादमी और शिक्षण समुदायों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। निशा जी को होटल एवं अन्य उद्यमी संस्थाओं में कार्य करने का अनुभव है। अलग-अलग क्षेत्रों में क्या करते वक़्त निशा जी की मुलाकात भिन्न – भिन्न दृष्टिकोण रखने वाले व्यक्तियों से हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने अलग – अलग विचारों, अलग – अलग भावनाओं को अनुभव किया और इसी अनुभव को उन्होंने अपनी कविताओं में लिपिबद्ध किया।

एक सफल लेखक के रूप में निशा जी पहचान उनकी पहली पुस्तक “फूट प्रिंट” से हुई जो उनके भावनात्मक अनुभावों को प्रदर्शित करती है। फूट प्रिंट की सफलता के बाद इनकी अगली रचना “चंद एहसास”  है, जो अनेक विषयों पर आधारित कविताओं का सुव्यवस्थित संकलन है।

“चंद एहसास” 101 कविताओं के संकलन के रूप में निशाजी के जीवन का चित्रण है। इस संकलन में उन्होंने बचपन से लेकर अभी तक की सभी पड़ाव, सभी भावनाओं को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया है। कविताओं में निहित भावनाएं अल्फाजो के रूप में  माला में पिरोए मोती के समान क्रमबद्ध है। निशा जी की चंद एहसास किसी एक विषय से संबंधित नहीं है। उन्होंने अपनी जीवन की सभी घटनाओं को बड़ी ही सादगी के साथ लेखबद्ध किया है। बचपन की यादों से लेकर यौवन के प्रेम तक सभी एहसासों के अनुभव को परिलक्षित किया गया है । किताब की शुरुवात उन कविताओं से हुई है, जो अधूरेपन में भी अपने को पूर्ण बताती है। 

निशा जी ने अपनी इन रचनाओं में हिंदी के साथ- साथ  उर्दू के शब्दों का भी बखूबी प्रयोग किया है। चंद एहसास में हिंदी व्याकरण का सटीक उपयोग हुआ है। हिंदी व्याकरण में निहित रसों का प्रयोग भी सरल एवं सुगम सलीके से हुआ है। मां और बचपन से संबंधित कविताओं “ऐसी होती है मां”, “बचपन एक हसीन याद”, “मां”, “मेरी मां”  में वात्सल्य दिखाई देता है तो वहीं कुछ कविताओं “मेरे पहले प्यार का एहसास”, “तेरी याद”, “आखरी लम्हा”, “बेशकीमती हैं ये आंसू” में श्रृंगार रस के गुण और विरह की झलक दिखाई देती है। इसके अलावा वीर रस का भी उपयोग किया गया है। “शूरवीर अभिनन्दन”, “पुलवामा से बालाकोट” देश की वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करती है। “बिन बुलाए मेहमान”, “gym का स्यापा” जैसी कुछ रचनाओं में हास्य रस का भी वर्णन है। महिलाओं की वर्तमान स्थिति को “एक औरत पूर्ण हूं मैं”, “एक बेटी”, “तुम सब कुछ कर सकती हो” में बहुत ही सुन्दर तरीके से दर्शाया गया है। इसके अलावा जिंदगी की कई और पड़ाव को “हांथो की चंद लकीरें”, “सपने सतरंगी”, “वक़्त को आजाद करो”, “उलझन कोई”, “एक नयी उड़ान” में देखा जा सकता है।कुछ कविताएं उन महत्वपर्ण व्यक्तियों के लिए है जो परिवार के बाद सबसे अजीज होते है। वो हैं दोस्त, दोस्त जो सारे सुख दुख में हमेशा साथ निभाते हैं, “एक जाम दोस्ती के नाम”, “कुछ खास दोस्त” ये रचनाएं दोस्तों को समर्पित है । निशा जी की कुछ कविताएं हमें ये भी संदेश देती हैं कि हमें धर्मांधता से उपर उठकर ही सोचना चाहिए।

इन सभी विषयों पर लिखी गई कविताएं भले ही काव्यात्मक शैली में हैं, लेकिन इन्हें सरलता से समझने योग्य लिखा गया है। ताकि कोई भी व्यक्ति इसे पढ़कर आसानी से समझ सके। इसके अलावा ये कविताएं सिर्फ लेखक की ज़िंदगी ही नहीं बल्कि कहीं न कहीं हमारी ज़िंदगी के किसी पहलू को भी छुती है।  हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को हम इन कविताओं में आसानी से देख सकते हैं। 

इन कविताओं में मेरी कुछ पसंदीदा कविताएं “कभी अलविदा ना कहना”, “अधूरा वक़्त”, “उलझने कोई”, “कोई तो वजह रही होगी”, “जिंदगी आसाँ तो नहीं” हैं। जैसा कि मैंने पहले ही बताया की  इस संकलन की कई खूबियां है जैसे कि रचनाओं का सरल व सुगम तरीके से लिखा जाना, जिससे पाठकों को लेखक की भावनाओं को समझने में आसानी हो, इसके अलावा प्रत्येक कविता शुरुवात से अंत तक एक क्रम से चलती हुई प्रतीत होती है जिससे कविता के भाव को सिर्फ समझने में ही आसानी नहीं होती बल्कि पाठक उसे महसूस भी कर सकता है। बाल्यावस्था से ही निशा जी ने अपने विचारों को कविताओं के जरिए व्यक्त करने की कोशिश की, उन्होंने अपनी संवेदनशीलता और ईमानदारी को अपनी कविता में बड़ी ही सादगी से पिरोया है। निशा जी की कविताएं समाज का प्रतिबिंब है और समाज को यथार्थ से अवगत कराने का प्रयास करती है। प्रेम भाव के साथ, दर्द, प्रिय से मिलन की अभिलाषा, विरह की पीड़ा भी व्यक्त किया गया है। इन सबके साथ उम्मीद की एक ऐसी किरण भी नजर आती है, जो ज़िंदगी के अंधेरे को मिटाकर एक ऐसी रौशनी की ओर ले जाने को तत्पर है जो जीवन में तारों की चमचमाहट सी दिखाई पड़ती है, और इस उजाले से ज़िंदगी फिर एक बार दमक उठेगी।  कम शब्दों में कहें तो आप निशा जी  की कविताओं का आनंद ले सकते हैं।  पढ़ने के बाद आपको जरूर ख़ुशी और साहित्यिक संतुष्टि का अनुभव होगा।  यह किताब अमेज़न पर उपलब्ध है और आप आसानी से इसे आर्डर कर सकते हैं।

Ratings: 3.5/5

Author Name:  Nisha Tandon
Book Title:  Chand Ehsaas
Publisher: White Falcon Publishing; First edition (13 September 2019)
Buy Book: Amazon  Store                                                  Reviewed by Kalpna at theliteraturetoday

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