24, Nov, 2020
बेटी की पहचान  | सोनिया सुधीर सन्धु

बेटी की पहचान | सोनिया सुधीर सन्धु

कोई कहता है बेटी महान
कोई कहता है बेटी अपमान
क्या है, बेटी की पहचान |
दुनिया चली दिलाने मान
मान तो मिलता पर…
खोनी पड़ती असली पहचान |
कभी बेटी, कभी बहन
कभी पत्नी, कभी माँ
कहाँ है उसकी असली पहचान |
जीती जीवन अपना बनकर
दुसरो की पहचान |
चला समाज नेताओं के साथ
चले मनाने बेटी को महान
दिलाने उसको नयी पहचान |
नारे लगाते ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओं’
कोई ना जाने उसके सपने
कोई ना जाने उसकी उड़ान
क्या कोई जानता उसकी असली पहचान |
ना बोलो भारत माता की विवाद खड़ा हो जाता हैं
क्या कोई तब माता का असली मतलब समझाता हैं |
ऐसा मिला सम्मान, ऐसी मिली पहचान |

सोनिया सुधीर सन्धु
काठ कलन, हरियाणा, इंडिया

4 Comments

    MithK

    July 17, 2020 at 6:37 am
    Reply

    Bahut Achi Kavita hai aapki soniya ji I loved it

    chetna.arya94@gmail.com

    July 17, 2020 at 6:37 am
    Reply

    Beautiful poem.

    Sonia

    July 17, 2020 at 6:42 am
    Reply

    Sonia

    July 17, 2020 at 8:13 am
    Reply

    A step for writing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>